टेस्ट क्रिकेट में किसी खिलाड़ी को अपनी पहचान बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। लेकिन मानव सुथार ने इस इंतजार को लगभग खत्म कर दिया है। महज दूसरे टेस्ट में राजस्थान के इस 24 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर ने गॉल में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के इतिहास में खास जगह दिला दी।
श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में सुथार ने दोनों पारियों में कुल 10 विकेट लिए। पहली पारी में उन्होंने 76 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि दूसरी पारी में 55 रन देकर 6 विकेट चटकाए। उनके 10/131 के मैच आंकड़े की बदौलत भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
यह सिर्फ एक शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन नहीं था। गॉल में सुथार ने श्रीलंका की धरती पर किसी भारतीय गेंदबाज के सबसे बेहतर 10 विकेट के आंकड़े का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने हरभजन सिंह के 2008 के 10/153 और रविचंद्रन अश्विन के 2015 के 10/160 के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया।
10 गेंदें और मैच का रुख बदल गया
गॉल टेस्ट के पांचवें दिन लंच के बाद श्रीलंका लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा था। उसे जीत के लिए 372 रन चाहिए थे और सोनल दिनुषा तथा केशरा नुवांथा की जोड़ी भारत के लिए मुश्किल पैदा कर रही थी।
तभी मानव सुथार ने मैच की तस्वीर बदल दी।
उन्होंने दिनुषा को 84 रन पर आउट किया और अगली ही गेंद पर प्रभात जयसूर्या को बोल्ड कर दिया। इसके बाद लाहिरु कुमारा का विकेट भी सुथार के खाते में आया। अगले ओवर में उन्होंने केशरा नुवांथा को बोल्ड करके श्रीलंका की पारी खत्म कर दी।
यानी सिर्फ 10 गेंदों के अंदर चार विकेट। इस छोटे से दौर ने श्रीलंका की आखिरी उम्मीद भी खत्म कर दी और भारत को 165 रन की जीत मिल गई।
सुथार की इस गेंदबाजी में सिर्फ विकेटों की संख्या खास नहीं थी। सही समय पर विकेट निकालना और दबाव में गेंदबाजी करना उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया।
दूसरे टेस्ट में ही 10 विकेट का कारनामा
सुथार ने जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में टेस्ट डेब्यू किया था। उस मैच की पहली पारी में उन्होंने 6 विकेट लिए और पूरे मैच में 7 विकेट हासिल किए।
अब श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 10 विकेट लेकर अपने शुरुआती दो टेस्ट में ही अपनी क्षमता का संकेत दे दिया है। उनके दो टेस्ट में कुल 17 विकेट हो चुके हैं। गॉल टेस्ट में उनका 10 विकेट का प्रदर्शन इस बात को और खास बनाता है कि यह उपलब्धि उन्होंने अपने करियर के सिर्फ दूसरे टेस्ट में हासिल की।
दिलचस्प बात यह भी है कि अपने शुरुआती दो टेस्ट में सुथार ने दोनों बार एक पारी में कम से कम पांच विकेट लिए हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने पहली पारी में 6 विकेट लिए थे और अब गॉल में दूसरी पारी में 6/55 का प्रदर्शन किया।
हरभजन और अश्विन के रिकॉर्ड से आगे
श्रीलंका की जमीन पर भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की लंबी सूची रही है। हरभजन सिंह और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज यहां 10 विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं।
लेकिन सुथार ने दोनों से बेहतर मैच आंकड़े हासिल कर लिए हैं।
हरभजन ने 2008 में गॉल में 153 रन देकर 10 विकेट लिए थे। अश्विन ने 2015 में 160 रन देकर 10 विकेट हासिल किए थे। सुथार ने इस बार 131 रन देकर 10 विकेट लेकर दोनों को पीछे छोड़ दिया। वह श्रीलंका में टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज भी बने।
सुथार की उम्र भी इस उपलब्धि को खास बनाती है। 24 साल की उम्र में उन्होंने विदेशी जमीन पर 10 विकेट लेने वाले सबसे युवा भारतीय गेंदबाज के रूप में भी नया मुकाम हासिल किया।
जडेजा और कुलदीप के बीच सुथार का असर
गॉल की पिच ने स्पिन गेंदबाजों को मदद दी, लेकिन सिर्फ पिच को सुथार के प्रदर्शन का कारण मानना उनके साथ न्याय नहीं होगा।
भारत की टीम में रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे अनुभवी स्पिनर भी मौजूद थे। जडेजा ने पूरे मैच में चार विकेट लिए, जबकि कुलदीप को एक विकेट मिला। सुथार ने अकेले 10 विकेट लेकर श्रीलंका के बल्लेबाजी क्रम पर सबसे बड़ा असर डाला।
भारत के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम को लंबे टेस्ट अभियान में अलग-अलग परिस्थितियों के लिए कई तरह के स्पिन विकल्पों की जरूरत होगी।
सिर्फ गेंदबाज नहीं, बल्लेबाजी भी कर सकते हैं सुथार
मानव सुथार की कहानी सिर्फ गेंद से किए गए प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। घरेलू क्रिकेट में वह गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी योगदान देने वाले खिलाड़ी रहे हैं। इसी वजह से उन्हें एक उपयोगी स्पिन-ऑलराउंडर के रूप में देखा जाता है।
राजस्थान से आने वाले सुथार ने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करके भारतीय टीम तक अपनी जगह बनाई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौके सीमित मिले, लेकिन जब मौका आया तो उन्होंने दोनों हाथों से उसे पकड़ा।
अब गॉल का प्रदर्शन उनकी पहचान को एक अलग स्तर पर ले गया है।
क्या भारत को मिल गया लंबी रेस का खिलाड़ी?
गॉल टेस्ट के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी सुथार की जमकर तारीफ की। गिल ने उन्हें लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करने की क्षमता वाला खिलाड़ी बताया।
लेकिन यहां जल्दबाजी से बचना भी जरूरी है। दो टेस्ट किसी खिलाड़ी के पूरे करियर का फैसला नहीं करते। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करना पहली बड़ी चुनौती होती है। बल्लेबाजों और गेंदबाजों के पास जब सुथार की गेंदबाजी का पर्याप्त वीडियो और अनुभव होगा, तब उनके सामने नई चुनौतियां भी आएंगी।
फिर भी शुरुआत जिस अंदाज में हुई है, उसे नजरअंदाज करना मुश्किल है।
पहले टेस्ट में 7 विकेट। दूसरे टेस्ट में 10 विकेट। विदेशी जमीन पर रिकॉर्ड। और सिर्फ 24 साल की उम्र।
इन आंकड़ों के बीच सबसे बड़ा संदेश साफ है—मानव सुथार ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट में दस्तक नहीं दी है, उन्होंने दरवाजा जोर से खटखटाया है।
अब देखना यह होगा कि आने वाले मैचों में वह इस शुरुआत को कितनी दूर तक ले जाते हैं।


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