शिवसेना UBT की दशहरा रैली में संजय राउत ने दावा किया कि अप्रैल 2027 के आखिरी सप्ताह में मोदी सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की दशहरा रैली में सांसद संजय राउत ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में 20 अक्टूबर को आयोजित रैली में राउत ने दावा किया कि अप्रैल 2027 के आखिरी सप्ताह तक मोदी सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व उन्हें बचाने की कोशिश कर रहा है।
राउत की इस भविष्यवाणी को उनके राजनीतिक बयान के तौर पर देखा जाना चाहिए। फिलहाल ऐसा कोई पुष्ट तथ्य नहीं है, जिसके आधार पर केंद्र सरकार के अप्रैल 2027 में गिरने की बात कही जा सके।
‘अप्रैल के आखिरी सप्ताह में चली जाएगी सत्ता’
दशहरा रैली को संबोधित करते हुए संजय राउत ने राम मंदिर के निर्माण और उसके मुहूर्त का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “किस मुहूर्त पर आपने राम मंदिर बनाया? अब मैं आपका मुहूर्त बताता हूं कि किस मुहूर्त पर आप जाएंगे। अप्रैल महीने के आखिरी सप्ताह में आपकी सत्ता चली जाएगी।”
राउत इससे पहले भी मार्च-अप्रैल 2027 के दौरान केंद्र सरकार के गिरने की संभावना जता चुके हैं। उनका दावा है कि बीजेपी के भीतर असंतोष है और आने वाले समय में पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता सरकार के खिलाफ कदम उठा सकते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना
संजय राउत ने अपने भाषण में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व उन्हें बचाने की कोशिश कर रहा है। राउत ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को भी अपने पद से जाना पड़ेगा।
चुनाव आयोग और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, राउत के इस बयान को राजनीतिक आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। उनके दावे के समर्थन में कोई पुष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
‘अब लोग मोदी-शाह से नहीं डरते’
रैली में संजय राउत ने विदेशों में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने अल्बानिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों के गुस्से और इटली, फ्रांस तथा बेल्जियम में हो रहे प्रदर्शनों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में भी लोग सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नहीं डरते, बल्कि उनके मुताबिक स्थिति ऐसी हो गई है कि मोदी और शाह लोगों से डरने लगे हैं।
राउत के इस बयान का मकसद सरकार के खिलाफ बढ़ते जन असंतोष का दावा करना था। हालांकि, अलग-अलग देशों में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण और उनके राजनीतिक संदर्भ अलग-अलग हैं, इसलिए उन्हें एक ही स्थिति के तौर पर देखना सही नहीं होगा।
उद्धव ठाकरे ने भी BJP और शिंदे पर साधा निशाना
दशहरा रैली में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा।
ठाकरे गुट की इस रैली को महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी ताकत दिखाने के मौके के तौर पर भी देखा गया। शिवाजी पार्क शिवसेना की दशहरा रैलियों का पारंपरिक केंद्र रहा है। पार्टी में विभाजन के बाद उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले दोनों गुट अलग-अलग रैलियां आयोजित करते हैं।
रैली में नेताओं के भाषणों के जरिए सत्ताधारी दलों की नीतियों और नेतृत्व पर सवाल उठाए गए। संजय राउत की अप्रैल 2027 में केंद्र सरकार गिरने की भविष्यवाणी भाषण का प्रमुख हिस्सा रही। हालांकि, सरकार के भविष्य को लेकर उनकी इस घोषणा की वास्तविकता आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।



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